जयचन्द प्रजापति "जय' का आलेख


हरिवंशराय बच्चन ने लिखी इलाहाबाद में मधुशाला
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इलाहाबाद में रहकर लिख डाली मधुशाला काव्य। एक सफलता की पायदान पर हरिवंशराय बच्चन की यह महान कृति। इलाहाबादी रंग में हरिवंशराय जी ने लिखी थी। यहीं की मिट्टी में साहित्य इनके अंदर उपजा। कई रचनायें लिखी इलाहाबाद की गोद में रहकर। कई सफल रचनायें दी। 

प्रतापगढ़ में जन्म लेकर इलाहाबाद के कायस्थ पाठशाला से पढाई की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त कर यहीं की मिट्टी में रहकर एक से बढ़कर एक रचना दी। यहाँ की गंगा जमुनी तहजीब उनके रगो में बह रही थी। 

पहली पत्नी की मौत के बाद दूसरी शादी कर ली थी। दूसरी शादी तेजी बच्चन से की। फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन इन्ही के पुत्र हैं। इनकी एक आत्मकथा "क्या भूलूँ क्या याद करूँ' बहुत प्रसिद्ध रही। 

छायावादी युग के कवि थे। इनकी कृति मधुशाला एक पापुलर कृति बन गयी। हरिवंशराय बच्चन को इस कृति से प्रसिद्धि मिल गई। कई साहित्यिक पुरस्कारों से सम्मानित भी हुए। इनका निधन मुंबई में हुआ। 

अगर इलाहाबाद में कोई हरिवंशराय बच्चन जी को देखें हैं या मिलें हैं तो उनके विषय में जरूर संस्मरण सुनायें। एक याद साझा जरूर करें। 



                        -----जयचन्द प्रजापति "जय'
                                  प्रयागराज

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