जयचन्द प्रजापति जय की लघु कहानी
पत्नी में हुआ बदलाव ------------------------- सूरजमणि एक मध्यवर्गीय परिवार से है। कमाता है फिर खाता है। ईमानदार है। कम भले कमाता है लेकिन किसी का गिरवी नहीं है। अपने बच्चों तथा पत्नी पर जितना हो सके खर्चा करता है जितना होना चाहिए खर्च उतनी आमदनी नही है बेचारे के पास। पत्नी तथा बच्चे उसकी आमदनी से खुश नहीं है। कमाई के हिसाब से पूरा खर्चा नही हो पाता है। पत्नी को अच्छी साड़ी चाहिये। बच्चों को अच्छा स्कूल चाहिए। अच्छा खाना होना चाहिए। फल फूल होना चाहिए। इन सबके न होने से पत्नी ठीक से सूरजमणि से बात नहीं करती है। उसका अपमान ही करती थी लेकिन सूरजमणि हर जरूरत की चीजे लाता था। पत्नी द्वारा अपमान किये जाने से बेचारा सदमे में है। चाय नहीं है,बेचारा चायपत्ती लेने दौड़ा जाता। सब्जी नहीं है। भागा जाता सब्जी मंडी। बेटे की अचानक तबि:6'"'"53"53"'"'""'53"यत खराब हो गयी । दौड़ कर हास्पिटल ले भागा। दवा के लिए पैसे':"'" नहीं थे। उधार लेने चचा के घर भागा। नून तेल से लेकर जूता चप्पल"। कपड़े साबुन सोडा। पत्नी को सजाकर रखने ...