जयचन्द प्रजापति जय की प्रसिद्ध कविता
मुझे अनाथालय नहीं जाना है
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कई सालों से मेरा एक सपना था
मैं एक अच्छा सा बाप बनूँगा
जब सुना
पूरी जिंदगी की कमाई
बेटे को बनाने में लगा दिया
वह मुरारीलाल
बुढ़ापे में
अनाथालय में है
बाप बनने का सपना छोड़ दिया
मुझे अनाथालय नहीं जाना है
--------कवि जयचंद प्रजापति 'जय'
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