दो गधे और समझदार खच्चर..

 दो गधे और समझदार खच्चर (बाल-कहानी)

...

एक जंगल में दो गधे रहते थे - काला गधा और भूरा गधा। दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे, लेकिन एक दिन घास के लिए झगड़ा हो गया।

"ये हरी घास मेरी है!" चिल्लाया काला गधा।

"नहीं, मेरी!" बोला भूरा गधा।तू-तू मैं-मैं से बात बढ़ी और दोनों आपस में लड़े।

काला गधा दांत से काटा, भूरा गधा पैर से लात मारी। काला का एक दांत टूट गया, भूरा का पैर मोच खा गया। जंगल में हंगामा मच गया!

तभी दूर से खच्चर महोदय आए। वे बहुत समझदार थे। उन्होंने चिल्लाया, "अरे भाइयों, रुको! मारपीट से क्या मिलेगा? आओ, घास को बांट लो।"

दोनों गधों ने सांस ली और खच्चर की बात मानी। उन्होंने घास आधी-आधी बांट ली। अब वे फिर दोस्त बन गए और हंसते-खेलते खुश रहने लगे।


जयचन्द प्रजापति 'जय'

प्रयागराज

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

कवि व लेखक जयचन्द प्रजापति "जय' का जीवन परिचय

जयचन्द प्रजापति "जय' की कहानी बिटिया हुईं कामयाब'

जयचन्द प्रजापति "जय' का लेख